
पटना/पूर्वी चंपारण। बिहार विधानसभा चुनाव में नामांकन जांच के दौरान महागठबंधन को एक बड़ा झटका लगा है। पूर्वी चंपारण जिले की सुगौली विधानसभा सीट से विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के उम्मीदवार शशि भूषण सिंह का नामांकन पत्र चुनाव आयोग ने तकनीकी खामियों के चलते रद्द कर दिया है। इससे इस सीट पर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की राह काफी हद तक आसान मानी जा रही है।
तकनीकी खामी से रद्द हुआ नामांकन
चुनाव आयोग द्वारा की गई जांच में पाया गया कि वीआईपी उम्मीदवार शशि भूषण सिंह का नामांकन अधूरा था। नियमों के अनुसार, यदि कोई उम्मीदवार किसी अमान्य या अपंजीकृत राजनीतिक दल से चुनाव लड़ता है, तो उसे कम से कम 10 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर के साथ नामांकन दाखिल करना आवश्यक होता है।
लेकिन शशि भूषण सिंह ने केवल एक प्रस्तावक के साथ ही अपना नामांकन दाखिल किया था। इसके अलावा, दस्तावेजों में भी कुछ औपचारिक त्रुटियाँ पाई गईं। परिणामस्वरूप, रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन अस्वीकृत कर दिया।
2020 में आरजेडी से जीते थे विधायक
गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में शशि भूषण सिंह ने इसी सीट से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुँचे थे। इस बार उन्होंने वीआईपी का दामन थामा था और उसी के टिकट पर मैदान में उतरे थे। परंतु नामांकन रद्द होने से अब वह चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं।
महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ीं
सुगौली सीट पर महागठबंधन के लिए हालात और भी कठिन तब हो गए जब आरजेडी के बागी उम्मीदवार ओमप्रकाश चौधरी का नामांकन भी खारिज कर दिया गया। अब इस सीट पर महागठबंधन के पास कोई सशक्त उम्मीदवार नहीं बचा है।
एनडीए को मिला फायदा
नामांकन रद्द होते ही एनडीए खेमे में खुशी की लहर है। अब इस सीट पर मुख्य मुकाबला लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उम्मीदवार बबलू गुप्ता और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी के बीच सिमट गया है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह परिस्थिति एनडीए के लिए “वॉकओवर जैसा मौका” साबित हो सकती है।
वोटिंग 6 और 11 नवंबर को
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे — पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को। मतगणना और नतीजों की घोषणा 14 नवंबर को की जाएगी।





